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Thursday, 8 January 2026

स्वामी विवेकानन्द के आधुनिक युवाओं हेतु उपदेश

 


  1. उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत

  2. बल ही जीवन है, दुर्बलता ही मृत्यु है

  3. भगवद्गीता से अधिक तुम्हें स्वर्ग के निकट ले जायेगा फुटबॉल, क्योंकि स्वास्थ्य और स्फूर्ति आवश्यक है

  4. जीवन में जोखिम लो—जीते तो नेतृत्व करो, हारे तो मार्गदर्शन करो

  5. शिक्षा मनुष्य में विद्यमान पूर्णता का प्रकट रूप है

  6. मनुष्य की सेवा ही ईश्वर की सेवा है

  7. निर्भीकता ही सच्चे युवाओं का लक्षण है

  8. सत्य, पवित्रता और निःस्वार्थ भाव ही चरित्र के स्तम्भ हैं

  9. केवल अपने लिए नहीं, समाज के उत्थान हेतु कार्य करो

  10. आध्यात्मिकता शक्ति है, पलायन नहीं

  11. अपनी संस्कृति और सनातन धर्म पर गर्व करो

  12. प्रकृति में दिव्यता देखो—नदियों, वनों और पशुओं की रक्षा करो

  13. सारी शक्ति तुम्हारे भीतर है; तुम सब कुछ कर सकते हो

  14. वही जीवित हैं जो दूसरों के लिए जीते हैं

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